योजनाएं

 

मुख्य योजनाएँ

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधीन मुख्या रूप से अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिए (1) अन्य पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक (विद्यालय) छात्रवृति योजना, (2) अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृति योजना, (3) मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृति योजना, (4) मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृति योजना,  (5) अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास योजना, (6) जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास योजना, (7) अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय का संचालन तथा (8) प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र योजना आदि योजनाये संचालित है।

योजनाओं का विस्तृत विवरण एवं वास्तविकता:-

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र एवं छात्राओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने एवं उनके सर्वांगीण विकास हेतु चलायी जा रही योजनाओं की विस्तृत विवरणी निम्न प्रकार है:-

1. अन्य पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक (विद्यालय) छात्रवृत्ति योजना:-

इस योजना के अंतर्गत राज्य के सरकारी सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त तथा स्थापना प्रस्वीकृत विद्यालयों में वर्ग 1 से 10 तक अध्ययनरत पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को दिनांक 01.04.2012 से निम्न दर से छात्रवृत्ति राशि का भुगतान किया जाता है -

क्रम संख्या योजना का नाम छात्रवृत्ति की  दर
1. विद्यालय छात्रवृत्ति (वर्ग 1 से 4) 50 रूपये प्रति माह
2. विद्यालय छात्रवृत्ति (वर्ग 5 से 6) 100 रूपये प्रति माह
3. विद्यालय छात्रवृत्ति (वर्ग 7 से 10) 150 रूपये प्रति माह
4.   विद्यालय छात्रवृत्ति (वर्ग 1 से 10) (छात्रावासी)     250 रूपये प्रति माह  

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अंतर्गत अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं को विद्यालय छात्रवृति प्रदान करने हेतु वित्तीय वर्ष 2006-07 में राज्य योजना एवं केन्द्र प्रायोजित योजना (50:50) के अधीन क्रमश: 1622.00 लाख रू. एवं 200.00 लाख रू. आवंटित किए गए, जिसमें कुल 3,16,594 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया।

वित्तीय वर्ष 2007-08 में राज्य योजना मद से पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के लिए 2000.00 लाख रू. एवं केन्द्र प्रायोजित योजना (50:50) से 609.32 लाख रू. की स्वीकृति दी गयी जिसमें 3,29,110 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया।

वित्तीय वर्ष 2008-09 में राज्य योजना मद से पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिए 2000.00 लाख रू. की स्वीकृति दी गयी। इसके अतिरिक्त केन्द्र प्रायोजित योजना (50:50) के अंतर्गत 200.00 लाख रू. की स्वीकृति दी गयी। उक्त राशि से 2,96,315 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया।

वित्तीय वर्ष 2009-10 में राज्य योजना से उपबंधित कुल राशि 2000.00 लाख (बीस करोड़ रूपये) एवं केन्द्र प्रायोजित योजना (50:50) के अंतर्गत कुल उपबंधित राशि 200.00 लाख रूपये विद्यालय छात्रवृत्ति मद में जिला कल्याण पदाधिकारियों को आवंटित किये गए हैं। जिससे कुल 3,01,315 छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।

वित्तीय वर्ष 2010-11 में राज्य योजना से उपबंधित कुल राशि 2000.00 लाख (बीस करोड़ रूपये) मात्र एवं केन्द्र प्रायोजित योजना (50:50) के अंतर्गत 400.00 लाख का बजट उपबन्ध किया गया है। उक्त उपबंधित राशि से पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के कुल 3,12,630 छात्र/छात्राओं को विद्यालय छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2011-12 में अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं को विद्यालय छात्रवृत्ति हेतु राज्य योजना के अंतर्गत 2000.00 लाख (बीस करोड़ रूपये) मात्र एवं केन्द्र प्रायोजित योजना (50:50) के अंतर्गत 516.66 लाख का बजट उपबन्ध कर राशि जिला कल्याण पदाधिकारियों को आवंटित की गई एवं इस आवंटित राशि से कुल 3,23,313 छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गयी है।

वित्तीय वर्ष 2012-13 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को पुनरीक्षित दर से स्वीकृति प्रदान करने हेतु राज्य योजना के अंतर्गत कुल 58084.64 लाख रूपये मात्र का उपबंध करते हुए सम्पूर्ण राशि जिला कल्याण पदाधिकारियों को आवंटित की गयी है। इस वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री साईकिल योजना एवं मुख्यमंत्री पोशाक योजना के अनुरूप 75% उपस्थिति के आधार पर विद्यालय छात्रवृति का वितरण किया गया है। उक्त राशि से वर्ग-1 से 10 तक अध्ययनरत कुल 36,30,290 पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को छात्रवृति योजना से लाभान्वित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2013-14 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को विद्यालय छात्रवृति हेतु राज्य योजना मद में कुल 116823.53 लाख रूपये एवं केन्द्र प्रायोजित योजना (50:50) के अंतर्गत प्री-मैट्रिक छात्रवृति हेतु रु. 780.00 लाख अर्थात रु. 117603.53 लाख (रुपये अरब छिहत्तर करोड़ तीन लाख तिरपन हजार) मात्र राज्य के विभिन्न जिलो को आवंटित किया गया है, जिससे लगभग 98,00,000 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2014-15 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को विद्यालय छात्रवृति हेतु राज्य योजना मद में कुल 103070.00 लाख रूपये एवं केन्द्र प्रायोजित योजना (50:50) के अंतर्गत राज्य योजना मद में रु. 1200.00 लाख एवं केन्द्र प्रायोजित योजना मद में 1200.00 लाख अर्थात कुल रु. 2400.00 लाख मात्र राज्य के विभिन्न जिलो को आवंटित किया गया है, जिससे लगभग 95,00,000 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2015-16 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को विद्यालय छात्रवृति हेतु राज्य योजना मद में कुल 202278.34 लाख रूपये एवं केन्द्र प्रायोजित योजना (50:50) के अंतर्गत रु. 4044.00 लाख मात्र का बजट उपबंध किया गया है। उक्त राशि से वित्तीय वर्ष 2014-15 में 26,45,915 वंचित छात्र/छात्राओं एवं वित्तीय वर्ष 2015-16 के प्रथम छ: माह के लिए 1,48,12,933 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया जायेगा।

वित्तीय वर्ष 2016-17 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को विद्यालय छात्रवृति हेतु राज्य योजना मद में कुल 131452.66 लाख रूपये एवं केन्द्र प्रायोजित योजना (50:50) के अंतर्गत रु. 2058.00 लाख मात्र अर्थात रु. 133510.66 लाख का बजट उपबंध किया गया है।

2. अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना:-

इस योजना के तहत महाविद्यालय/विश्वविद्यालय/तकनीकी एवं व्यवसायिक संस्थान में पढ़ने वाले पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने की योजना संचालित है।

वित्तीय वर्ष 2006-07 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए 1084.10 लाख रू आवंटित किये गये जिसके अंतर्गत कुल 59,888 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया।

वित्तीय वर्ष 2007-08 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए 2069.85 लाख रू आवंटित किये गये जिसके अंतर्गत कुल 68,740 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया।

वित्तीय वर्ष 2008-09 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए इस मद में 2000.00 लाख रू आवंटित किये गये जिसमें अब तक कुल 55,823 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2009-10 में राज्य योजना से 1000.00 लाख रू एवं केन्द्र प्रायोजित योजना (शत-प्रतिशत) से 1522.00 लाख रू. अर्थात कुल 2522.00 लाख रू छात्रों की छात्रवृत्ति हेतु जिला कल्याण पदाधिकारियों को राशि आवंटित कर दी गयी है। आवंटित सम्पूर्ण राशि का व्यय अविलम्ब भौतिक उपलब्धि संबंधी सूचना भेजने हेतु सभी जिला कल्याण पदाधिकारियों को निदेशित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत कुल 3,600 छात्र-छात्राओं को प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति प्रदान की जा सकेगी।

वित्तीय वर्ष 2010-11 में इस योजना के कार्यान्वयन हेतु राज्य योजना मद में 2000.00 लाख एवं केन्द्र प्रायोजित योजना के तहत 2000.00 लाख अर्थात कुल 4000.00 लाख मात्र का बजट प्रावधान करते हुए 86,210 छात्र/छात्राओं को प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति प्रदान किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2011-12 में इस योजना के कार्यान्वयन हेतु राज्य योजना मद में 8300.00 लाख एवं केन्द्र प्रायोजित योजना के तहत रु. 6906.88 लाख अर्थात कुल रु. 15206.88 लाख मात्र का बजट प्रावधान करते हुए 1,26,938 छात्र/छात्राओं को प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2012-13 में अन्य पिछड़ा प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत राज्य योजना मद से रु. 20000.00 लाख एवं केन्द्र प्रायोजित योजना (शत-प्रतिशत) के तहत रु. 3000.00 लाख जिला कल्याण पदाधिकारियों को आवंटित किया गया है, जिससे अन्य पिछड़े वर्ग के 2,25,000 छात्र/छात्राएँ लाभान्वित हए हैं

वित्तीय वर्ष 2013-14 में इस योजना के तहत केन्द्र प्रायोजित योजनांतर्गत कुल रु. 6000.00 लाख आवंटित किये गये हैं एवं रु. 4778.83 लाख वित्तीय वर्ष 2013-14 के छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान जिला कल्याण पदाधिकारियों को आवंटित किया गया है, जिससे अन्य पिछड़े वर्ग के 3,00,000 छात्र/छात्राएँ लाभान्वित हए हैं

वित्तीय वर्ष 2014-15 में अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति हेतु राज्य योजनान्तर्गत रु. 30000.00 लाख एवं केन्द्र प्रायोजित योजनान्तर्गत रु. 6997.00 लाख जिला कल्याण पदाधिकारियों को आवंटित किया गया है, जिससे लगभग 4,50,000 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य है।

वित्तीय वर्ष 2015-16 में अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति हेतु राज्य योजनान्तर्गत रु. 50000.00 लाख एवं केन्द्र प्रायोजित योजनान्तर्गत रु. 11977.83 लाख जिला कल्याण पदाधिकारियों को आवंटित किया गया है, जिससे लगभग 5,00,000 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 में अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति हेतु राज्य योजनान्तर्गत रु. 40000.00 लाख एवं केन्द्र प्रायोजित योजनान्तर्गत रु. 7272.00 लाख का बजट उपबंध किया गया है, उक्त राशि से प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग के लगभग 5,50,000 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है

3. प्रावैधिकी छात्रवृत्ति

प्रावैधिकी महाविद्यालयों में पढ़ने वाले पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने की योजना संचालित है।

वित्तीय वर्ष 2006-07 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रावैधिकी छात्रवृत्ति हेतु 17.60 लाख रू आवंटित किया गया जिसके अंतर्गत कुल 926 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया।

वित्तीय वर्ष 2007-08 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रावैधिकी छात्रवृत्ति हेतु 17.40 लाख रू स्वीकृत किया गया जिससे कुल 825 छात्र-छात्रायें लाभान्वित हुए।

वित्तीय वर्ष 2008-09 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रावैधिकी छात्रवृत्ति हेतु 17.40 लाख रू स्वीकृत किया गया जिससे अब तक कुल 825 छात्र-छात्रायें लाभान्वित हुए हैं।

वित्तीय वर्ष 2009-10 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रावैधिकी छात्रवृत्ति हेतु 17.40 लाख रू स्वीकृत किया गया जिससे अब तक कुल 825 छात्र-छात्रायें लाभान्वित हुए हैं।

वित्तीय वर्ष 2010-11 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रावैधिकी छात्रवृत्ति हेतु 17.40 लाख रू स्वीकृत किया गया जिससे अब तक कुल 825 छात्र-छात्रायें लाभान्वित हुए हैं।

वित्तीय वर्ष 2011-12 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रावैधिकी छात्रवृत्ति हेतु 17.40 लाख रू स्वीकृत किया गया जिससे अब तक कुल 825 छात्र-छात्रायें लाभान्वित हुए हैं।

वित्तीय वर्ष 2012-13 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रावैधिकी छात्रवृत्ति हेतु 30.00 लाख रू स्वीकृत किया गया जिससे अब तक कुल 1666 छात्र-छात्रायें लाभान्वित हुए हैं।

वित्तीय वर्ष 2013-14 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रावैधिकी छात्रवृत्ति हेतु 30.00 लाख रू स्वीकृत किया गया जिससे अब तक कुल 1550 छात्र-छात्रायें लाभान्वित हुए हैं।

वित्तीय वर्ष 2014-15 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रावैधिकी छात्रवृत्ति हेतु 30.00 लाख रू स्वीकृत किया गया जिससे अब तक कुल 1550 छात्र-छात्रायें लाभान्वित हुए हैं।

वित्तीय वर्ष 2015-16 में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्रावैधिकी छात्रवृत्ति हेतु 30.00 लाख रू स्वीकृत किया गया जिससे अब तक कुल 3875 छात्र-छात्रायें लाभान्वित हुए हैं।

वित्तीय वर्ष 2016-17 से प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना को अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना में विलय किया जाना है

4. प्राक परीक्षा प्रक्षिक्षण केंद्र

वित्तीय वर्ष 2015-16 से राज्य योजना मद में बजट प्रावधान से पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिए एक-एक प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र पटना विश्वविद्यालय, पटना, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया, बाबासाहेब भीमराव अम्बेदकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा एवं वीरकुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के संचालन हेतु प्रति प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र रु. 24,55,100.00 के प्राक्कलित राशि एवं प्रथम वर्ष के लिए अनावर्ती व्यय रु. 3,00,000.00 अर्थात कुल रु. 2,20,40,800.00 की प्रशासनिक एवं व्यय की स्वीकृति प्रदान की गयी है

यह योजना पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को यू०पी०एस०सी०/बी०पी०एस०सी० एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओ की तैयारी नि:शुल्क कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्रों का पर्येवेक्षण एवं मूल्यांकन बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम द्वारा किया जाता है

5. परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को विद्यालय परीक्षा समिति की माध्यमिक परीक्षा के लिए परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति इस विभाग के द्वारा की जाती है।

वित्तीय वर्ष 2006-07 में कुल 5.50 लाख रू गैर-योजना से आवंटित किया गया जिससे कुल 3,846 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया।

वित्तीय वर्ष 2007-08 में कुल 10.00 लाख रू गैर-योजना मद से स्वीकृत किया गया।

वित्तीय वर्ष 2008-09 में कुल 10.00 लाख रू गैर-योजना से स्वीकृत किया गया जिससे कुल 11,112 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया।

वित्तीय वर्ष 2009-10 में कुल 20.00 लाख रू गैर-योजना मद से स्वीकृत किया गया जिससे कुल 22,224 छात्र/छात्राओं को परीक्षा प्रतिपूर्ति कर लाभान्वित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2010-11 में कुल 25.00 लाख रूपये गैर-योजना मद से प्रावधान करते हुए 22,224 अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं को परीक्षा प्रतिपूर्ति कर लाभान्वित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2011-12 में परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति मद में कुल 25.00 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है जिससे अन्य पिछड़े वर्ग के 22,224 छात्र/छात्राएँ लाभान्वित हुए हैं।

वित्तीय वर्ष 2012-13 में इस मद में कुल 25.00 लाख रूपये आवंटित किए गए जिससे अन्य पिछड़े वर्ग के 22,224 छात्र/छात्राओं को परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति की गयी है।

वित्तीय वर्ष 2013-14 में परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु गैर-योजना मद में 25.00 लाख रूपये के बजट प्रावधान के विरूद्ध 22,225 22,224 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2014-15 में परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु गैर-योजना मद में 25.00 लाख रूपये का बजट प्रावधान किया गया है जिससे 21,000 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2015-16 में परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु गैर-योजना मद में 25.00 लाख रूपये का बजट प्रावधान किया गया है जिससे 21,000 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 में परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु गैर-योजना मद में 25.00 लाख रूपये का बजट प्रावधान किया गया है जिससे 21,000 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।

6. मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना

राज्य सरकार द्वारा अत्यंत पिछड़े वर्गों के छात्र/छात्राओं को शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा ऐसे विद्यार्थी जो ग्रामीण क्षेत्रों में विपरीत परिस्थिति में रहकर पढ़ रहे हैं, उन्हें अपने आगे की पढ़ाई के क्रम में आर्थिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2008-09 में एक नई योजना मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना प्रारम्भ की गयी है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2008-09 से 2013-14 तक वर्षवार निम्नांकित राशि व्यय कर अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं को प्राथमिक एवं उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया गया है -

क्रम सं.  वित्तीय वर्ष    व्यवहृत राशि   लाभान्वित छात्र/छात्राओं की संख्या 
1. 2008-09 10,67,00,000

10,670
2. 2009-10 16,72,00,000 16,720
3. 2010-11 38,71,10,000 38,711
4. 2011-12 35,39,10,000 35,391
5. 2012-13 42,77,00,000 22,770
6. 2013-14   35,00,00,000 35,000
7. 2014-15   40,00,00,000 40,000
8. 2015-16   77,49,50,000 77,495

इस योजना के अंतर्गत बिहार राज्य के स्थायी निवासी विद्यार्थियों को, जिन्होंने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से वर्ष 2008 में 10वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण किया है, को प्रति छात्र/छात्रा 10,000 रू मात्र का एक मुश्त वृत्तिका दिया जा रहा है।

वित्तीय वर्ष 2013-14 में मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के कार्यान्वयन हेतु कुल 3,500 लाख रूपये का बजट उपबंध किया गया था, जिससे अत्यंत पिछड़ा वर्ग के कुल 35,000 छात्र/छात्राओं को मेधावृत्ति की राशि का भुगतान किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2014-15 में मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के कार्यान्वयन हेतु कुल 4,000 लाख रूपये का बजट उपबंध है जिससे अत्यंत पिछड़ा वर्ग के कुल 40,000 छात्र/छात्राओं को मेधावृत्ति की राशि का भुगतान किया गया है। शेष छात्र/छात्राओं के लिए बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, पटना के द्वारा पूर्ववर्ती वर्षो की अवितरित अवशेष राशि रु. 7,40,24,000/- आवंटित की गयी है, जिससे 7402 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2015-16 में मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के कार्यान्वयन हेतु कुल 7,749.50 लाख रूपये का बजट उपबंध है जिससे अत्यंत पिछड़ा वर्ग के कुल 77,495 छात्र/छात्राओं को मेधावृत्ति की राशि का भुगतान किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 में मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के कार्यान्वयन हेतु कुल 7,000.00 लाख रूपये का बजट उपबंध है जिससे अत्यंत पिछड़ा वर्ग के कुल 70,000 छात्र/छात्राओं को मेधावृत्ति की राशि का भुगतान करने का लक्ष्य निर्धारित गया है।

6. मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना

राज्य सरकार द्वारा पिछडा वर्ग के छात्रो को शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, उन्हें उच्च शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने तथा ऐसे विद्यार्थी जो ग्रामीण क्षेत्रो में विपरीत परिस्थिति में रह कर पढाई कर रहे हैं उन्हें आगे की पढाई जारी रखने हेतु वित्तीय वर्ष 2015-16 से एक नयी योजना मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्घ मेधावृत्ति योजना प्रारंभ की गयी है।

इस योजनान्तर्गत बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना द्वारा आयोजित माध्यमिक (10वीं) परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण करने वाले बिहार राज्य के स्थाई निवासी पिछड़ा वर्ग के वैसे छात्र, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय रु. 1,50,000/- तक या इससे कम हो, को प्रति छात्र रु. 10,000/- मात्र एकमुश्त वृतिका दी जाती है।

इस योजनान्तर्गत व्यवहृत राशि एवं लाभान्वित छात्रों की संख्या निम्नवत है:-

क्रम सं.  वित्तीय वर्ष    व्यवहृत राशि   लाभान्वित छात्रो की संख्या 
1. 2015-16   40,00,00,000 40,000

वित्तीय वर्ष 2016-17 में मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के कार्यान्वयन हेतु कुल ,000.00 लाख रूपये का बजट उपबंध है जिससे पिछड़ा वर्ग के कुल 0,000 छात्रों को मेधावृत्ति की राशि का भुगतान करने का लक्ष्य निर्धारित गया है।

8. अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधीन वर्तमान में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए कुल 12 अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय संचालित हैं,  जिनमें वर्ग 6 से 12 की कक्षायें संचालित की जाती हैं, जिसका स्वीकृत छात्रबल प्रति विद्यालय 280 है।

वर्तमान में निम्नलिखित स्थानों पर कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय संचालित हैं - (1) पटना, (2) मोकामा, (3) मुजफ्फरपुर, (4) गया, (5) पूर्णिया, (6) भागलपुर, (7) दरभंगा, (8) समस्तीपुर, (9) सहरसा, (10) मुंगेर, (11) रोहतास तथा (12) छपरा।

अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय का भवन निर्माण हेतु भवन निर्माण विभाग को वित्तीय वर्ष 2006-07 से राशि आवंटित की जा रही है एवं वित्तीय वर्ष 2006-07 से 2008-09 तक कुल 2,328.13 लाख रूपये आवंटित किए गए हैं जिससे निम्नांकित जिलों में आवासीय विद्यालय का भवन निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है -(1) रोहतास, (2) पूर्णिया

वित्तीय वर्ष 2010-11 में विद्यालय के संचालन/संधारण हेतु गैर-योजना मद में कुल 5,14,82,800.00 रूपये का बजट प्रावधान किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2011-12 में गैर-योजना मद से विद्यालय संचालन हेतु कुल 7,95,80,000.00 रूपये आवंटित किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2012-13 में गैर-योजना मद से कुल 7,87,99,000.00 रूपये का बजट प्रावधान करते हुए राशि आवंटित की गयी है।

वित्तीय वर्ष 2013-14 में उक्त 12 अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय के संचालन हेतु गैर-योजना मद में कुल 6,98,67,000.00 रूपये का बजट उपबन्ध करते हुए राशि आवंटित की गयी है।

वित्तीय वर्ष 2014-15 में उक्त 12 अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय के संचालन हेतु गैर-योजना मद में कुल 7,25,83,000.00 रूपये का बजट उपबन्ध करते हुए राशि आवंटित की गयी है।

वित्तीय वर्ष 2015-16 में उक्त 12 अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय के संचालन हेतु गैर-योजना मद में कुल 9,77,20,000.00 रूपये का बजट उपबन्ध करते हुए राशि आवंटित की गयी है।

वित्तीय वर्ष 2016-17 में उक्त 12 अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालय के संचालन हेतु गैर-योजना मद में कुल 10,16,20,000.00 रूपये का बजट उपबन्ध किया गया है।

इन आवासीय कन्या उच्च विद्यालयों में छात्राओं को भोजन, पठन-पाठन सामग्री, पुस्तकालय तथा तेल-साबुन इत्यादि के लिए पूर्व निर्धारित दर में संशोधन करते हुए निम्न दर से सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है -

दी जाने वाली सुविधा पूर्व में निर्धारित दर वर्तमान दर
भोजन 1200 रू प्रति माह 1,610 रू प्रति माह
विशेष भोजन 125 रू वर्ष में चार बार 150 रू वर्ष में चार बार
वस्त्र 1,875 रू वार्षिक 2,630 रू वार्षिक
व्यावसायिक 625 रू प्रति वर्ष प्रति छात्रा 890 रू प्रति वर्ष प्रति छात्रा
कम्प्यूटर प्रशिक्षण 625 रू प्रति वर्ष प्रति छात्रा 890 रू प्रति वर्ष प्रति छात्रा
तेल, साबुन, सोडा 100 रू प्रति माह प्रति छात्रा 130 रू प्रति माह प्रति छात्रा
पठन-पाठन सामग्री 1,250 रू प्रति वर्ष प्रति छात्रा 1,540 रू प्रति वर्ष प्रति छात्रा
सफाई मद 280 आसन वाले संस्थान 5 स्वीपर को

न्यूनतम मजदूरी  श्रम संसाधन विभाग

द्वारा निर्धारित दर   

पर भुगतान किया जायेगा

  श्रम संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित दैनिक

न्यूनतम मजदूरी दर पर सफाई कर्मी

को मजदूरी  का भुगतान किया जायेगा

दवा   125 रू प्रति छात्रा प्रति माह

(10 माह के लिए )

  150 रू प्रति छात्रा प्रति माह

(10 माह के लिए )

परिवहन 280 आसन वाले

600 रू प्रति माह प्रति संस्थान

280 आसन वाले

960 रू प्रति माह प्रति संस्थान

किरासन तेल 4,800 रू प्रति माह डीजल- 4.5 लीटर प्रति घंटा
दैनिक समाचार, पत्र-पत्रिका 5,000 रू प्रति विद्यालय प्रति वर्ष 6,500 रू प्रति विद्यालय प्रति वर्ष
खेल-कूद 12,500 रू वार्षिक 14,280 रू वार्षिक
पुस्तकालय 8,750 रू वार्षिक 10,780 रू वार्षिक
सांस्कृतिक कार्यक्रम, वार्षिकोत्सव, बागवानी इत्यादि    18,750 रू वार्षिक 21,410 रू वार्षिक
सुरक्षा गार्ड श्रम संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित

दैनिक मजदूरी के दर पर प्रति

विद्यालय 3 गार्ड (8 घंटे प्रति गार्ड)

1 वर्ष के लिए

श्रम संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित

दैनिक मजदूरी के दर पर प्रति

विद्यालय 3 गार्ड (8 घंटे प्रति गार्ड)

1 वर्ष के लिए

9. अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिए पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रावास संचालित है। इन छात्रावासों में रहने वाले छात्र/छात्राओं को रसोईया-सह-सेवक की सेवायें, रोशनी, बर्तन इत्यादि की सुविधायें उपलब्ध करायी जाती हैं।

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग छात्रावास में एक छात्रावास अधीक्षक होते हैं, जिन्हें सरकार द्वारा मानदेय के रूप में अधीक्षक भत्ता दिया जाता है, जिनपर छात्रावास के संचालन का उत्तरदायित्व रहता है।

पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिए निम्नांकित छात्रावास पूर्व से संचालित हैं -

  1. ए.क्यू.अंसारी, रानीघाट, पटना (बालक)

  2. बी.एम.सी. छात्रावास, दरभंगा (बालिका)

  3. दरभंगा राज विश्वविद्यालय परिसर, दरभंगा (बालक)

  4. कल्याण छात्रावास नं-2, भागलपुर (बालक)

  5. कल्याण छात्रावास, डी०एस० कॉलेज, कटिहार (बालक)

उपर्युक्त संचालित छात्रावासों के अतिरिक्त बिहार राज्य के 29 जिलों में अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास निर्माण हेतु जिला कल्याण पदाधिकारी/वन निर्माण विभाग को केन्द्र प्रायोजित योजना (50:50) के अंतर्गत कुल 3,315.627 लाख रूपये आवंटित किए गए हैं। इनमें निम्नांकित जिलो में निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है-

क्र. जिला का नाम   क्र. जिला का नाम
1 रोहतास   12 नवादा
2 समस्तीपुर   13 जहानाबाद
3 मधेपुरा   14 बांका
4 पूर्वी चंपारण   15 भोजपुर
5 मुजफ्फरपुर   16 भभुआ
6 सारण   17 कटिहार
7 पश्चिमी चंपारण   18 किशनगंज
8 बेगूसराय   19 सुपौल
9 शेखपुरा    20 नालंदा
10 मुंगेर   21 वैशाली
11 खगडिया   22 भागलपुर

10. जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास

वित्तीय वर्ष 2008-09 में अत्यंत पिछड़ी जाति के छात्र/छात्राओं के लिए प्रत्येक जिला में 100 आसन वाले जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास निर्माण योजना के अंतर्गत निर्माण कराने की योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना के लिए सभी जिलों में छात्रावास हेतु भूमि उपलब्ध हो गयी है। मधुबनी, नालंदा, भभुआ, बक्सर, शेखपुरा, बांका, जमुई एवं कटिहार समेत 8 जिलों में भवन निर्माण का कार्य पूर्ण हो गया है, जिसे संचालित करने हेतु सामग्री एवं उपस्कर आदि की आपूर्ति की कार्रवाई की जा रही है एवं इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में रु. 2,73,84,144/- का आवंटन बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, पटना को उपलब्ध करा दिया गया है। जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास 187.00 लाख मात्र की लागत से छात्रावास निर्माण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गयी है। शेष जिलों में निर्माण कार्य प्रगति पर है।

जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास निर्माण हेतु बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को निर्माता एजेंसी बनाया गया है एवं प्रति छात्रावास 187.00 लाख की लागत से छात्रावास निर्माण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है।

वित्तीय वर्ष 2008-09 से 2015-16 तक छात्रावास निर्माण हेतु कुल 5,647.48 लाख रूपये पुल निर्माण निगम को उपलब्ध कराया गया है जिसकी विवरणी निम्न प्रकार है -

क्रम सं. वित्तीय वर्ष आवंटित राशि (लाख रू.)
1. 2008-09 1,000.00

2. 2009-10 1,791.27
3. 2010-11 703.77
4. 2010-11 370.00
5. 2011-12 160.44
6. 2012-13 187.00
7. 2013-14 935.00
8. 2015-16 500.00
  कुल राशि 5,647.48 लाख रूपये